वैदिक ज्योतिष में गोचर की शक्ति कैसे मापी जाती है — अष्टकवर्ग बिंदुओं की शास्त्रीय मार्गदर्शिका।
अष्टकवर्ग का अर्थ है आठ वर्गों से बना। यह एक संख्यात्मक मूल्यांकन पद्धति है जो यह बताती है कि कोई ग्रह किसी राशि में गोचर करते समय कितना शक्तिशाली या मंद है।
इसमें सात ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) और लग्न — ये आठ दानकर्ता — एक गोचर-ग्रह को 12 राशियों में से प्रत्येक में एक बिंदु (1) या शून्य (0) देते हैं। यह दान जन्म-कुंडली की स्थिति पर निर्भर होता है।
इस प्रकार प्रत्येक राशि में 0 से 8 तक बिंदु संभव हैं। जितने अधिक बिंदु, उस राशि में गोचर उतना ही शक्तिशाली।
ग्रह के गोचर-फल स्पष्ट और प्रभावी होंगे — चाहे वे शुभ हों या चुनौतीपूर्ण। शुभ भाव में अधिक बिंदु और भी अच्छे परिणाम देते हैं।
सामान्य प्रभाव। न विशेष अनुकूल, न विशेष कठिन। अन्य कारक जैसे दशा और वेध अधिक निर्धारक होते हैं।
ग्रह का प्रभाव कम होगा। शुभ भाव में भी कम बिंदु होने पर परिणाम मिश्रित हो सकते हैं।
साढ़े साती के दौरान शनि तीन राशियों से गुजरता है। इन तीनों राशियों में शनि के अष्टकवर्ग बिंदु अलग-अलग हो सकते हैं। जिस राशि में बिंदु अधिक होंगे, उस 2.5 वर्षीय उप-काल की तीव्रता उतनी कम होगी।
यही कारण है कि दो व्यक्ति जिनकी चंद्र-राशि एक ही हो, साढ़े साती का अनुभव अलग-अलग कर सकते हैं — उनके शनि के अष्टकवर्ग बिंदु भिन्न हो सकते हैं।
जब सभी ग्रहों के अष्टकवर्ग को एक राशि में जोड़ा जाता है, तो यह सर्वाष्टकवर्ग बनता है। इससे पता चलता है कि किसी राशि में समग्र ग्रह-ऊर्जा कितनी है। उच्च सर्वाष्टकवर्ग वाली राशि में गोचर करते ग्रहों का समग्र वातावरण अधिक अनुकूल रहता है।
प्रत्येक दानकर्ता (7 ग्रह + लग्न) की जन्म-कुंडली में स्थिति के आधार पर यह तय किया जाता है कि वह गोचर-ग्रह को किस-किस राशि में बिंदु देगा। प्रत्येक ग्रह के लिए अलग-अलग नियम-सारणी है जो शास्त्रीय ग्रंथों में दी गई है। MeriKundali यह गणना आपकी जन्म-कुंडली से स्वतः करता है।
हाँ, परंतु प्रभाव मंद होगा। अष्टकवर्ग गोचर-फल की तीव्रता को संशोधित करता है, उसे रद्द नहीं करता। कम बिंदु का अर्थ है कि शुभ फल उतना स्पष्ट नहीं होगा।
नहीं। अष्टकवर्ग सभी सात ग्रहों के लिए गणना की जाती है। शनि का अष्टकवर्ग सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि शनि का गोचर-काल सबसे लंबा होता है।
आपकी जन्म-कुंडली से
अपनी जन्म-तिथि, जन्म-समय और जन्म-स्थान डालें — MeriKundali आपकी कुंडली के लिए अष्टकवर्ग की गणना करेगा।
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