ग्रह का नक्षत्र और आपका जन्म-नक्षत्र — इन दोनों के संबंध से तारा बल निर्धारित होता है। शास्त्रीय मार्गदर्शिका।
वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्र हैं। आपके जन्म-नक्षत्र से गिनते हुए ये 27 नक्षत्र 9 समूहों में विभाजित होते हैं — प्रत्येक समूह में तीन नक्षत्र। इन 9 समूहों को तारा कहते हैं।
जब कोई ग्रह किसी विशेष नक्षत्र में गोचर करता है, तो वह नक्षत्र आपके जन्म-नक्षत्र से कौन-सी तारा में पड़ता है — यह तारा बल निर्धारित करता है। कुछ तारा शुभ हैं, कुछ मिश्रित, और कुछ चुनौतीपूर्ण।
मिश्रित। जन्म-नक्षत्र स्वयं — संवेदनशील काल। शरीर और मन दोनों पर ध्यान रखें।
शुभ। समृद्धि और उपलब्धि का तारा। नए प्रयासों के लिए अनुकूल।
अशुभ। विघ्न और बाधा का तारा। महत्त्वपूर्ण निर्णय टालें।
शुभ। कल्याण और स्थिरता का तारा। मौजूदा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उत्तम।
अशुभ। शत्रु-भाव का तारा। विवाद और संघर्ष से बचें।
शुभ। सिद्धि का तारा। लक्ष्य-प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ।
अशुभ। क्षति का तारा। जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें।
शुभ। मित्रता और सहयोग का तारा। सामाजिक और व्यावसायिक संपर्क के लिए अनुकूल।
अत्यंत शुभ। परम सखा का तारा। शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम।
MeriKundali तारा बल के साथ-साथ चंद्र बल की भी गणना करता है — यह देखता है कि उस दिन चंद्रमा आपकी जन्म-चंद्र राशि से किस भाव में है। दोनों का संयुक्त विश्लेषण शुभ और सावधानी के दिन निर्धारित करता है।
यह चक्र धीमे ग्रहों के गोचर से स्वतंत्र है। शनि की साढ़े साती चल रही हो तब भी किसी विशेष दिन तारा बल और चंद्र बल मिलकर उस दिन को अनुकूल बना सकते हैं — और विपरीत भी।
आपके साप्ताहिक और मासिक राशिफल में "शुभ दिन" और "सावधानी के दिन" तारा बल और चंद्र बल की संयुक्त गणना से निर्धारित होते हैं। ये आपके व्यक्तिगत जन्म-नक्षत्र पर आधारित हैं — सार्वजनिक पंचांग पर नहीं।
जन्म के ठीक समय और स्थान पर चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वह आपका जन्म-नक्षत्र है। MeriKundali आपकी जन्म-तिथि, जन्म-समय और जन्म-स्थान से इसे स्वतः निकालता है।
हाँ, आंशिक रूप से। साढ़े साती एक दीर्घकालिक संरचना है, परंतु उसके भीतर भी कुछ दिन या सप्ताह तारा बल और चंद्र बल के कारण अधिक अनुकूल हो सकते हैं। MeriKundali इन सूक्ष्म चक्रों को अलग से दिखाता है।
तारा बल ग्रह के नक्षत्र और जन्म-नक्षत्र का संबंध है। चंद्र बल चंद्रमा की वर्तमान राशि और जन्म-चंद्र राशि का संबंध है — यदि चंद्रमा जन्म-चंद्र राशि से 3, 6, 7, 10, या 11वीं राशि में हो तो चंद्र बल शुभ माना जाता है।
आपकी जन्म-कुंडली से
अपनी जन्म-तिथि, जन्म-समय और जन्म-स्थान डालें — MeriKundali आपके व्यक्तिगत तारा बल और चंद्र बल से शुभ दिन निकालेगा।
अपनी कुंडली देखें →Also in this series